Sandeep speaks a bit about Treadmill…

1) Sandeep, please tell us a bit about the history of the play – Treadmill

मैं मुंबई में था और अभिषेक (निर्देशक) बंगलोर में. एक दिन अभिषेक ने फोन कर के मुझे एक हिन्दी नाटक लिखने का आग्रह किया. पहले तो मैंने यह कहते हुए इंकार कर दिया कि ‘ मैं कुछ भी लिख सकता हूँ मगर नाटक नहीं’. परन्तु अभिषेक ने इस बात को नहीं माना और मुझे लिखने के लिए राजी कर लिया. जब मैंने नाटक लिखने का तय किया तो मैं बहुत उत्साहित हो गया. एक सप्ताह के अंदर मैंने अभिषेक को फोन किया और फोन पर ही पूरा नाटक पढ़ कर सुनाया. यह बात अगस्त 2008 की है. वो दिन था और आज का दिन है जब ट्रेडमिल के ३६वे और ३७वे शो कि ओर हम अग्रसर हैं.

2) In this play you invoke a lot of memories, what is your personal favorite memory of your childhood?

बहुत सारे हैं. कुछ तो इस नाटक (ट्रेडमिल) में ही दिखायी देते हैं. मैं धनबाद का रहने वाला हूँ. अब शहर थोड़ा फ़ैल गया है करीब २० साल पहले ये एक क़स्बा था. तो अक्सर हम कुछ दोस्त साईकिल लेकर शहर से बाहर निकल जाते थे और दिनभर पता नहीं कहाँ-कहाँ भटकते रहते थे. ना हमें रास्ते पता होते थे,ना कोई जगह. कभी किसी जंगल में चले जाते थे या किसी गाँव में या सुनसान रेलवे ट्रैक पर भटकते रहते थे. हमें बहुत मज़ा आता था इसीलिए वापस घर आकर डाट सुनने के बाद भी ये सिलसिला जारी रहता था.

3) Tell us your experience of cities? Do you like them even?

मैंने मुख्यतः धनबाद, दिल्ली,मुंबई और बंगलोर में अपने जीवन के बहुत वक्त गुज़ारे हैं. मेरे लिए, कोई भी शहर छूटने के बाद ज्यादा अच्छा लगने लगता है. जहाँ तक रहने की बात है- तो मेरे जीवन में दोस्त बहुत महत्वपूर्ण हैं. इसीलिए मेरा किसी भी शहर में रहना दोस्तों पर काफी निर्भर करता है. फिलहाल बैंगलोर में हूँ. यहाँ कुछ ऐसे दोस्त हैं जो परिवार का हिस्सा बन गए हैं. तो यहाँ रहना अच्छा लग रहा है.

Watch Treadmill this Wednesday and Thursday at Ranga Shankara.

Indian Ensemble Presents
TREADMILL
(a play in Hindi)

Official Selection at the First Festival of Contemporary Indian Theatre in Paris

“Treadmill is a journey of exploring personal memories of people in towns of India. Treadmill at its first glance is a comedy in the simplest sense of the word. In its simple manner it looks at the various instances of our lives when we continuously run but without ever getting anywhere. The metaphor of the treadmill looms throughout the play, in its content and in its form, where images, instances, memories repeat but are interpreted afresh by everyone in their own way.”

“Treadmill left one breathless, desiring more than ever to reminisce over the days gone by”-
The Hindu (2012 May)

Image

Written by Sandeep Shikhar
Directed by Abhishek Majumdar

Cast: Sandeep Shikhar, Virginia Rodrigues, Ashwini Kumar Chakre

Date: 18th & 19th Sept.
Time:7:30pm
Ventue: Ranga Shankara, J P Nagar, Bangalore.
Tickets: 150 Rs

Click here to buy tickets online –  BookMyShow IndianStage  

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